पोर्नोग्राफी केस: राज कुंद्रा के खिलाफ डायरेक्‍ट एविडेंस नहीं, लेकिन चैन ऑफ एविडेंस में उनका नाम शामिल, जो सॉलिड प्रूफ हो सकता है

8

मुंबई18 मिनट पहलेलेखक: अमित कर्ण

  • कॉपी लिंक
  • सीनियर एडवोकेट उज्जवल निकम की दैनिक भास्कर से राज कुंद्रा मामले पर खास बातचीत

अश्‍लील फिल्‍में बनाने और एप से स्‍ट्रीम करने के आरोप में बिजनेसमैन राज कुंद्रा 23 जुलाई तक पुलिस हिरासत में हैं। मुंबई पुलिस के मुताबिक, व्हाट्सएप पर हुई बातचीत से पता चला है कि कुंद्रा इस मामले में फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन में भी शामिल थे। उन्‍होंने मॉडल, एक्‍ट्रेस की लाचार परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए उन्हें अश्‍लील फिल्‍मों में काम करने को मजबूर किया।

इस मामले में दैनिक भास्‍कर ने वरिष्‍ठ वकील उज्‍जवल निकम से बात की। इस दौरान यह जानने की कोशिश की गई कि राज कुंद्रा पर क्‍या कानूनी कार्यवाही मुमकिन हैं। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश –

राज कुंद्रा पर आरोप संगीन हैं, वह साबित हुए तो उन्‍हें क्‍या सजा हो सकती है?
उज्‍जवल:- इस वक्‍त सजा के बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है। वह इसलिए कि यह मामला अभी इन्वेस्टिगेशन के स्‍टेज पर ही है। आगे डॉक्‍यूमेंट्री इविडेंस होगा। उसके आधार पर इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी क्‍या क्‍लेम लगाती हैं, सब उस पर निर्भर करेगा। राज के खिलाफ डायरेक्‍ट इविडेंस तो नहीं हैं, पर चैन ऑफ एविडेंस में उनका नाम है और वह सही से कनेक्‍ट हुआ तो उनके खिलाफ सॉलिड प्रूफ हो सकता है।

सिर्फ व्हाट्सएप एप चैट पर राज कुंद्रा की बातें, उनके खिलाफ कितनी ठोस सबूत हो सकती हैं?
उज्‍जवल:- वो चैट जिस तरह ओनर के मोबाइल से हुए हैं, यह प्रिजंप्‍शन तो बनता है कि वो भी इंवॉल्‍व हैं। अगर ऑनर यह दिखा सके कि वो चैट उसने नहीं किए हैं। वो सब फैब्रिकेटेड हैं, तो बात बन सकती है। हालांकि, उन्‍हें यह साबित करना होगा।

इंडिया में रूल क्‍या है, अगर आप पोर्न बनाते हैं, तो आप को क्‍या सजा हो सकती है?
उज्‍जवल:- पोर्न बनाना ही नहीं, वैसा करने के लिए किसी को इनवाइट करना भी अपने आप में ऑफेंस है। इंडिया में यह बैन है।

‘उल्‍लू’ या ‘अल्ट बालाजी’ एप पर जो बोल्‍ड और इरोटिक कंटेंट आते हैं, वो किस दायरे में आएंगे? मिसाल के तौर पर ‘गंदी बात’ जैसी सीरीज?
उज्‍जवल:- कानूनन तो वो सारे भी ऑफेंस के दायरे में आते हैं। यह तो पुलिस पर निर्भर है। ‘गंदी बात’ तो ऑब्‍सीन के दायरे में आता है। बहरहाल, राज कुंद्रा मामले में तो मॉडल्‍स ने भी आरोप लगाए हैं, तब पुलिस ने संज्ञान लिया है।

अगर कोई किसी पर आरोप न लगाए ओर इरोटिक कंटेंट बनाता रहे, तो उस सूरत में भी पुलिस संबंधित मेकर्स पर एक्‍शन ले सकती है?
उज्‍जवल:- बिल्‍कुल ले सकती है। पुलिस स्‍वत: संज्ञान तो ले ही सकती है। पुलिस को अधिकार है।

खबरें और भी हैं…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here